Mere Mann Ki Baat
मेरी कविता ही मेरे मन का प्रतिबिम्ब है, कोशिश रहेगी की यह मेरी पहचान बन सके
Pages
Home
कवितायेँ
गद्य काव्य
शायरी
धार्मिक कवितायेँ
कलाकारी
अवलोकन
संपर्क
Shabd jo kabhi sunai na diye
आँखों की नमी को ख़ुशी के आंसू बताना ,
कहना सब कुछ ठीक है फिर थोडा मुस्कुराना ,
भले दिल में हो दर्द पर हमदर्द बन जाना ,
देखा,
कितना आसान है किसी भी गम को छुपाना
|
|
Showing posts with label
Manjil
.
Show all posts
Showing posts with label
Manjil
.
Show all posts
Monday, December 5, 2011
मंजिल
मंजिल बनाया रास्तों को , और फिर देखा असर |
ध्येय हर दम साथ है पर , है अभी बाकी सफर ||
Older Posts
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)